VOLUME-1|ISSUE-2|April-June, 2026
सारांश
अल्जाइमर्स डिमेंशिया (Alzheimer's disease) एक प्रगतिशील न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग है, जो मुख्यतः वृद्ध व्यक्तियों को प्रभावित करता है। इस रोग में मस्तिष्क की कोशिकाएँ धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं, जिससे स्मृति, सोचने-समझने की क्षमता तथा व्यवहार में निरंतर गिरावट आती है। प्रारंभिक अवस्था में व्यक्ति हाल की घटनाओं को भूलने लगता है, सामान्य शब्दों को याद रखने में कठिनाई अनुभव करता है तथा निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है।
जैसे-जैसे रोग बढ़ता है, व्यक्ति अपने परिचित लोगों को पहचानने में भी असमर्थ हो सकता है और दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों को करने में कठिनाई महसूस करता है। इस रोग का प्रमुख कारण मस्तिष्क में बीटा-अमाइलॉइड प्लाक और टाऊ प्रोटीन का असामान्य संचय माना जाता है, जो न्यूरॉन्स के बीच संचार को बाधित करता है। इसके अतिरिक्त बढ़ती आयु, आनुवंशिक प्रवृत्ति, असंतुलित जीवनशैली तथा पर्यावरणीय कारक भी इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।
वर्तमान समय में इस रोग का पूर्ण उपचार उपलब्ध नहीं है, परंतु कुछ औषधियाँ और उपचार पद्धतियाँ इसके लक्षणों को नियंत्रित करने और प्रगति को धीमा करने में सहायक सिद्ध होती हैं। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक व्यायाम, मानसिक सक्रियता तथा सामाजिक सहभागिता इस रोग की रोकथाम और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य शब्द
अल्जाइमर्स, डिमेंशिया, स्मृति ह्रास, न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग, मस्तिष्क कोशिकाएँ, बीटा-अमाइलॉइड।